इस आंदोलन की मांग थी की आरक्षण ख़तम हो, न की बांग्लादेश से हिन्दू ख़तम हो??
मानवता को शर्मसार करती बांग्लादेशी उत्पाती गैंग
मैं बेहद दुखी हु बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। मेरी अंतरात्मा झक – झोर रही है की 21 वी सदी का विश्व किस ओर बढ़ रहा है , एक ओर जहाँ ” विश्व शांति और बंधुत्व ” का अनुपम मेल होना मांगता है, वहां ये क्या हो रहा ? चारो ओर खून खराबा ही नजर आ रहा | पहले सीरिया में ISIS ने कोहराम मचाया फिर रूस यूक्रेन युद्ध ने लाखो निर्दोष को अपने आगोश में ले लिया , थोड़े दिन पहले बांग्लादेश में जो हो रहा था उसकी जितनी निंदा की जाये कम है |
जब से शेख हसीना ने इस्तीफा देकर देश छोड़ा है तब से ही उनकी पार्टी अवामी लीग के नेता और समर्थक इधर-उधर छिप पर अपनी जान बचा रहे हैं। इस बीच बांग्लादेश में हमलावरों के निशाने पर वहां के अल्पसंख्यक हिंदू हैं। हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है। उस वक्त से ही कई मंदिरों में आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार कट्टरपंथी आंदोलन के नाम पर हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं। बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू सुरक्षित जगहों पर जाने की कोशिश कर रहे हैं। हिंदुओं के साथ-साथ हमलावर शेख हसीना की पार्टी के लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। मुझे ये समझ नहीं आ रहा आरक्षण के नाम पर ये आंदोलन शुरू हुआ और बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओ को मारने, घर में आग लगाने और बहन बेटियों का बलात्कार करने लगे ???

डरे हुए हैं अवामी पार्टी के समर्थक नेता
जब सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग के समर्थक नेता इतने डरे हुए है की जब उन लोगों से संपर्क किया जाता है तो बहुत कम ही लोग बात करने को राजी होते हिम्मत काम करना बंद कर चूका है । लोगों में डर का माहौल है। कई लोगों ने अपना फोन ही बंद कर लिया है। जिन लोगों ने बात की उन्होंने अपनी लोकेशन बताने से इनकार कर दिया। एक शख्स ने बताया कि वो सुरक्षित जगह पर है लेकिन लगातार बुरी खबरें सुनने को मिल रही है |
रंगपुर के छात्र लीग के बहुत से छात्रों से बात की गई तो बताया कि उन्हें हमले से बचकर भागना पड़ा था। उन्होंने बताया कि यहां स्थिति बहुत खराब है। हमारे कई नेताओं को या तो मार दिया गया है या उनको किडनैप कर लिया गया है। मैं किसी तरह भागने में कामयाब रहा। मेरे घर पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की गयी। गुंडों ने कब्जा कर लिया है। आगजनी और हत्या आम बात हो गई है। पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है। अब ये देखिये की छात्र भी जान बचाने में लगे हुए है तो आखिर ये आंदोलन चला कौन रहा ? ये बहुत बड़ा सवाल है |

कई हिंदुओं के घरों मंदिरो में लगाई आग
बांग्लादेश के कई शहरो से बड़ी डरावनी और मानवता को शर्मसार करने वाले वीडिओज़ आ रहे है , घरो में रहनेवाली माता बहनो का बलात्कार किया जा रहा , और बलात्कार करके उसे जान से मार दिया जा रहा है , उनके घरो में आग लगा दी जा रही है , मंदिरो, चर्च, गुरूद्वारे सब पर हमला कर तोडा जा रहा है , इस आंदोलन की मांग थी की आरक्षण ख़तम हो न की बांग्लादेश से हिन्दू ख़तम हो , सुनने में आ रहा लोगो के कच्छे खोलकर चेक करके फिर मारा जा रहा | इससे बड़ा जघन्य क्या हो सकता , पता नहीं कहा छुपे बैठे है विश्व के शांति दूत , मुँह में दही जमाये बैठे है | लेकिन भारत को इसपर अबिलम्ब संज्ञान लेना चाहिए और विश्व फोरम पे आवाज़ उठानी चाहिए क्युकी हिन्दू हिंदुत्व और हिंदुस्तान का नारा है |

हसीना के देश छोड़ने के बाद बढ़े अल्पसंख्यकों पर हमले
हालांकि सेना प्रमुख के इस ऐलान से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है कि गुरुवार को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार शपथ लेगी। लेकिन हसीना के सोमवार को पीएम पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद से ही अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ है, उसके बाद लोगों को सुरक्षित महसूस कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यह देश सबका है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कर्तव्य है। एक देश के तौर पर हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी।

पहले हिंदुओं पर हमला, फिर घरों से लूटपाट
ढाका में, प्रसिद्ध बांग्लादेशी लोक गायक राहुल आनंद के 140 साल पुराने किराए के घर पर हमला हुआ है। सोमवार को हथियारबंद लोगों की भीड़ ने घर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने घर का दरवाजा तोड़ दिया, घर में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। उन्होंने घर में आग भी लगा दी, जिससे 3,000 से ज्यादा वाद्य यंत्र जलकर खाक हो गए। इस घटना के बाद 48 वर्षीय गायक और उनका परिवार छिपने को मजबूर हो गया। वहीं भीड़ ने घर से जो कुछ भी मिल सकता था – फर्नीचर, दर्पण और अन्य कीमती सामान ले लिया और फिर वाद्ययंत्रों के कलेक्शन के साथ घर को आग लगा दी
बांग्लादेश में महीनेभर पहले नौकरियों में आरक्षण को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक हो गया। ये आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया। शेख हसीना सरकार के खिलाफ विपक्ष भी खुलकर आंदोलन में कूद गया। शुरुआत में पुलिस और सेना ने सरकार का साथ दिया, लेकिन एक वक्त के बाद वो भी पीछे हट गए। आंदोलनकारी ढाका में स्थित पीएम हाउस में घुस गए। खूब तोड़फोड़ और लूटपाट की। यहाँ तक की PM के घर के सारे सामान लूट लिए गए , उनके घरो की महिलाओ के अंगवस्त्र ( ब्रा , पैंटी ) हवा में लहराते हुए प्रदर्शन किया इससे बुरा और क्या हो सकता | शेख हसीना ने इस्तीफा देकर देश छोड़ दिया। सेना ने अंतरिम सरकार का ऐलान किया। सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा समझ आता है। लेकिन इस सबमें अल्पसंख्यक हिंदू निशाना पर क्यों हैं? जिस तरह से हिंदू मंदिरों को टारगेट किया जा रहा उससे यही लगता है कि ये सोची समझी साजिश है। आंदोलन के बहाने कट्टरपंथियों को मौका मिल गया है और वो हिंदुओं पर निशाना साध रहे हैं।