बिहार चुनाव एक ऐतिहासिक सन्देश

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए 200 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की | इस अभूतपूर्व सफलता के केंद्र में राज्य की महिलाएं रही, जिन्होंने रिकॉर्ड 71.78% मतदान कर नीतीश सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं पर भरोसा जताया. 10,000 रुपये की सीधी सहायता, लखपति दीदी और जीविका मॉडल जैसे जैसे कार्यक्रमों ने महिला वोटरों का मजबूत समर्थन एनडीए के पक्ष में सुनिश्चित कर दिया |

बिहार में एनडीए के इस लैंड मार्क विक्ट्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बादशाहत के पीछे सबसे बड़ा कारक राज्य की महिला वोटर बनकर उभरी हैं | लगभग दो दशकों से महिलाओं को ध्यान में रखकर चलाई जा रही योजनाओं का राजनीतिक फायदा एक बार फिर नीतीश कुमार को मिलता दिख रहा है |

10,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता गेम चेंजर

इसके उलट, त्योहारी सीजन से पहले नितीश कुमार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक सामने आया जब हर महिला के खाते में 10,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी गई, लगभग 25 लाख महिलाओं को सीधे लाभ और करीब दो करोड़ वोटरों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डालने वाली इस योजना ने चुनावी माहौल ही ही बदल दिया, तत्काल आर्थिक राहत और खर्च करने की शक्ति मिलने से महिला वोटरों में सरकार के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ.

‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम

इसके साथ ही ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम ने महिलाओं को स्वरोजगार, बाजार से जुड़ाव, प्रशिक्षण और लोन के अवसर देकर आर्थिक रूप से सशक्त करने का काम किया, यह यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और उसने नीतीश सरकार के प्रति एक वफादार वर्ग तैयार कर दिया|

पहले चरण के मतदान (6 नवंबर) के के दौरान छपरा के रसूलपुर में वोट डालने पहुंचीं रेखा देवी का बयान महिलाओं के मूड की स्पष्ट तस्वीर पेश कर दी, उन्होंने कहा ‘यह हमारा अधिकार है आज के दिन घर के काम से ज्यादा जरूरी वोट डालना है| हमें अपने भविष्य का फैसला खुद करना चाहिए | यानि हम कह सकते की

“पहले मतदान फिर जलपान “

का नारा काफी असरदार दिखा |

जीविका समूह मॉडल

नीतीश कुमार की महिला सशक्तिकरण छवि वर्षों से स्थिर और मजबूत रही है| मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण, पुलिस भर्ती में 35% कोटा, और ग्रामीण महिलाओं को बदलने वाला जीविका समूह मॉडल, इन सभी ने महिलाओं को न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक और और राजनीतिक रूप से भी मजबूत बनाया |

सशक्त महिलाओं ने चुना सशक्त नेतृत्व

सुपौल, किशनगंज और मधुबनी जैसे जिलों में महिला वोटरों की भारी मौजूदगी ने भी ये संदेश साफ कर दिया कि बिहार की राजनीति में महिला वर्ग अब निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं. 2025 के रुझान साफ बताते हैं कि जो महिलाएं सशक्त होंगी, वही नेतृत्व को सशक्त बनाएंगी | और इस बार महिलाओं ने एकजुट होकर नीतीश कुमार पर अपना भरोसा जताकर बिहार की राजनीति की दिशा बदल दी |

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