Author name: netanahinbetaadmin

HEALTH

भ्रूणहत्या एक सामाजिक, मानवीय अपराध है

भ्रूण हत्या एक उपमृत्यु है। मरण के सभी संस्कार से भ्रूण वंचित रह जाता है। भ्रूण हत्या मानवीय रचना का संहार है | आज हमारे घर परिवार  समाज में भ्रूण हत्या एक सामान्य सी  बात हो गई है। इस देश की लाखों करोड़ो  मातायें बहने अपने पेट में पल रहे बालक  बालिका शिशु की अपने […]

POLITICAL

दिल्ली में नौटंकी अपने शबाब पर – क्या दिल्ली वाले डमी मुख्यमत्री ने ही किया खेल ख़राब ?

भ्रष्टाचार डूबा तो नहीं दी AAP  का साम्राज्य ? दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का दोहरा चरित्र आतिशी को दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने काफी सोच समझ कर ही बनाया होगा – लेकिन सवाल ये है कि अरविंद केजरीवाल की आगे की राजनीति के लिए ये, आतिशी’ पारी कितनी फायदेमंद होने वाली थी,

BOLLYWOOD

बॉलीवुड और बोल्डनेस का जलवा

भारतीय सभ्यता संस्कृति को ओल्ड फैशन बताना आजकल हमारे बॉलीवुड का पतन इतनी तेजी से हो रहा है ये बहुत ही गंभीर सवाल है| जब आप अध्यन करेंगे तो पता चलेगा की हमारे कलाकार खास कर महिला अभिनेत्रियां चुटकी में शोहरत की बुलंदियों को छू लेने के चक्कर में हमेशा भारतीय संस्कृति को ओल्ड फैशन

INTERNATIONAL

आंदोलन छात्रों का, मुद्दा आरक्षण का, फिर हिन्दू टारगेट पर क्यों ?

इस आंदोलन की मांग थी की आरक्षण ख़तम हो, न की बांग्लादेश से हिन्दू ख़तम हो?? मानवता को शर्मसार करती बांग्लादेशी उत्पाती गैंग मैं बेहद दुखी हु बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। मेरी अंतरात्मा झक – झोर रही है की 21 वी सदी का विश्व किस ओर बढ़ रहा है , एक

HISTORICAL

भारत की गुमनाम बिभूतियाँ

आज आपको उन आज़ादी के योद्धओं के बारे बताऊंगा जिसको देश , राज्य और भारत के १४० करोड़ लोग भुला चुके है , मेरी अपने पाठको के लिए मेरी कोशिश रहेगी की उन महान बिभूतियों को फिर से आपको अपने जहन में जिन्दा करुँ | आज़ादी के ज्यादातर योद्धाओं को इतिहासकारो ने इतिहास में जगह

POEM

शिव नारायण स्तूति

शिवम नारायण नारायण नारायण नारायणसबरी के बैर, सुदामा के तण्डुल, रुचि रुचि भोग लगावायन शिवम नारायण नारायण नारायण नारायण |दुर्योधन गृह मेवा त्यागो, प्रभु साग विदुर घर पावायण,शिवम नारायण नारायण नारायण नारायण |ग्वाल बाल जब डूबन लागे, प्रभु हरि जी के नाम उचारायण,शिवम नारायण नारायण नारायण नारायण |गज और ग्राह लड़े जल भीतर, प्रभु लड़ी

POEM

आओ कुछ अच्छा करते हैं।

आओ कुछ अच्छा करते हैं ………. आओ, कुछ अच्छा करते हैं, निजी स्वार्थों के लिए दिलों को तोड़ते हैंचेहरे पर मुस्कान, दिल में गरल भरते हैं।दोस्ती के नाम पर दोस्तों का ही चरित्र हनन करते हैं। आओ कुछ अच्छा करते हैं ………..सौदेबाजी,धोखेबाजी,विश्वासघात करते हैं। किसी का बनता हुआ काम दोजख करते हैं। मतलब साधने के

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